क्या आप भी गर्मियों में डल स्किन से परेशान हैं?

मौसम चाहे कोई भी हो लेकिन हर लड़की चाहती है कि वह हमेशा चमकती-दमकती और फ्रैश दिखें। लेकिन गर्मियों के मौसम में इसे बरकरार रखना थोड़ा सा मुश्किल हो जाता है।लेकिन आज हम आपको बताएंगे हैं कि आप कैसे खुद को हमेशा खिलाखिला रख सकती हैं।

अबॉर्शन कराना मतलब डिप्रेशन को न्यौता देना

अबॉर्शन के बाद डिप्रेशन होना शायद यह बात आपको थोड़ा अजीब जरूर लगे। लेकिन सच यह है कि अबॉर्शन और डिप्रेशन का बहुत गहरा संबंध है। अॅर्बाशन कराने के बाद अधिकतर महिलाएं डिप्रेशन और...

अस्थमा के मरीज हैं तो बारिश से रहे सावधान, जानिए क्यों?

मानसून आने में अब ज्यादा वक्त नहीं रह गया है। लेकिन इस मानसून की शुरुआती बारिश में भीगना अस्थमा के मरीजों के लिए अभिश्राप साबित हो सकता है। ऐसे मौसम में अस्थमा के मरीज इन उपायों को अपनाकर स्वस्थ रह सकते हैं।

देश का भविष्य खराब कर रहा है फास्ट फूड

आज के समय की भागदौड़ भरी जिंदगी में फास्ट फूड को लोगों की पहली पसंद कहें या मजबूरी, दोनों ही स्थितियों में यह जानलेवा है। आप यह जानकर हैरान होंगे कि फास्ट फूड हमारे देश का 'भविष्य' खराब कर रहा है।

बालों को लेकर कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 5 गलतियां?

आज के समय में हर कोई बालों के झड़ने और रफ होने जैसी समस्या से परेशान रहते हैं। लेकिन अगर हकीकत देखी जाए तो अपनी इस समस्या के लिए कहीं ना कहीं हम खुद ही जिम्मेदार होते हैं।

Thursday, 11 August 2016

मोटापे से हैं परेशान, तो प्रोटीओमेगा है समाधान


आज के समय में बिगड़े लाइफस्टाइल की वजह से हर तीसरा आदमी अपने मोटापे से परेशान है। जब मोटापा हद से ज्यादा बढ़ने लगता है तो लोग इसे कम करने के लिए बिना सोचे समझे कुछ भी हथकंडे अपना लेते हैं। अगर आप भी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं या ऐसा करने जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि उल्टे सीधे तरह से वजन कम करना आपको बेहतर दिखने में तो मदद कर सकता है लेकिन यह आपके लिए मानसिक तौर पर बहुत हानिकारक साबित होगा। एक अच्छे तरह से वजन कम करने के लिए सबसे जरूरी है आप अपनी डाइट को हेल्दी और हल्का करें। अपने आहार में से फास्ट फूड और तले—भुने खाने को बिल्कुल नजरअंदाज करें।

हेल्दी डाइट से वजन कम से दो फायदे होते हैं। पहला— आपके शरीर में अतिरिक्त चर्बी नहीं बनती, दूसरा— वजन कम होने के साथ ही आपके शरीर में काफी एनर्जी रहती है। वैसे तो बाजारों में वजन घटाने के लिए कई तरह के फूड सप्लीमेंट मिलते हैं। लेकिन उनमें से ज्यादातर सप्लीमेंट में आर्टिफिशल शुगर और फ्लेवर के साथ ही प्रोटीन की सहीं मात्रा नहीं ​होती है। जिसके चलते लोगों को पेट में दर्द, पेट फूलना, गैस, कब्ज और गंदी डकारे आने की शिकायत होती है।


अगर आप एक हेल्दी सप्लीमेंट के साथ वजन कम चाहते हैं तो Dr.G wellness का आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट प्रोटीओमेगा आपकी समस्या का हल है। नेचुरल सप्लीमेंट प्रोटीओमेगा में न्यूजीलेंड की घास खाने वाली गायों के दूध से 'वे' (Whey) प्रोटीन को डाला गया है। वे प्रोटीन एनर्जी के साथ वजन कम करने का सबसे अच्छा माध्यम है। वे प्रोटीन से वजन कम करने को मेडिकल विभाग ने भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही प्रोटीओमेगा में 'स्टीविया' की पत्तियों से कड़वे भाग को हटाकर मीठे भाग से नेचुरल स्वीटनर और 'चिया' के बीजों से नेचुरल ओमेगा-3 फैटी ​एसिड लिया है। फाइबर वजन कम करने के दौरान आपके शरीर की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है। प्रोटीओमेगा इसलिए भी खास है क्योंकि इसके हर 20 ग्राम के पाउच में 10.87 यानि कि आधे से ज्यादा मात्रा प्रोटीन की है।

इस नेचुरल सप्लीमेंट को स्वादिष्ट बनाने के लिए प्राकृतिक 'वनिला बीन्स' से वनिला फ्लेवर लिया है। इसके अलावा इसमें कॉर्बोहाइड्रेट, फाइबर और फैट के साथ ही कई अन्य पोषक तत्व भी शामिल हैं। प्रोटीओमेगा को खराब होने से बचाने के लिए इसमें रोजमेरी और निसिन डाला गया है।

सावधान— अगर आपके बच्चे या आप थोड़े बहुत भी मोटे हैं तो आप नेचुरल प्रोटीओमेगा सप्लीमेंट को अनार, अनानास और स्ट्राबेरी जैसे फलों को सादे पानी और कुछ बर्फ के टुकड़ों के साथ स्मूदी बनाकर लें। वहीं, अगर आप कम वजन या थोड़ा कमजोर हैं तो आप प्रोटीओमेगा को दूध या फिर किसी भी शेक के साथ मिलाकर ले सकते हैं।

Wednesday, 10 August 2016

​जानिए, हमारे शरीर के लिए क्यों जरूरी है प्रोटीन?




एक स्वस्थ शरीर के लिए अपने आहार में प्रोटीन को शामिल करना बेहद जरूरी है। प्रोटीन रहित भोजन से स्वस्थ और बीमारी मुक्त जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। लेकिन यहां हम आपको यह भी बताते चल रहे हैं कि आप चाहे शाकाहारी हैं या मांसाहारी, दोनों ही स्थि​ति में आपको प्रोटीन की बेहद जरूरत है।

क्यों? क्योंकि, आज के समय में प्रोटीन की सही मात्रा ना तो शाकाहारी भोजन में है और ना ही मांसाहारी भोजन में मौजूद है। सिर्फ यही कारण है कि हम लोग बिना वजह लाइफस्टाइल और पेट से जुड़ी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाने में प्रोटीन को नजरअंदाज कर हम अपनी जिंदगी के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं? जी हां, शायद आप यह नहीं जानते कि प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करना एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए बेहद जरूरी है।

चाहे बच्चा हो, बूढ़ा हो या फिर कोई जवान, प्रोटीन हर किसी के शरीर के विकास और उसे बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन आज के मिलावट खोर समय में बाजारों में मिलने वाली किसी भी चीज से प्रोटीन मिलने की उम्मीद को बेवकूफी कहना गलत नहीं होगा। दूध, दही, पनीर और सब्जियों से लेकर दाल तक हर किसी में मिलावट की बात सामने आ चुकी है। यहां तक कि प्रोटीन के नाम पर बिकने वाले ज्यादातर सप्लीमेंट्स में भी वास्तव में सही मात्रा में प्रोटीन नहीं होता है। ऐसे में हम आपको यहां सावधान कर रहे हैं कि आप जब भी प्रोटीन के लालच में कोई चीज खरीदें तो पहले उस प्रॉडक्ट में इस्तेमाल की गई सामग्रियों पर जरूर नजर डालें।

क्यों जरूरी है प्रोटीन
आप चाहे खूबसूरत दिखना चाहते हैं, बॉडी बनाना चाहते हैं या अपनी हाईट में ग्रोथ चाहते हैं हर चीज के लिए आपको प्रोटीन की जरूरत होती है। आइए इसके अलावा हम आपको प्रोटीन से मिलने वाले ऐसे 10 फायदों के बारे में बताते हैं जिन्हें आपका जानना बेहद जरूरी है।

1) प्रोटीन की मदद से ही हम अपने रोजमर्रा के कामों को अच्छी तरह कर सकते हैं
2) एक्सरसाइज के बाद प्रोटीन का सेवन करने से मांसपेशियों में अधिक मजबूती आती है
3) नाखून और बालों के बढ़ने का माध्यम सिर्फ प्रोटीन है
4) प्रोटीन के नियमित सेवन से ही हम एक स्वस्थ पाचन तंत्र पा सकते हैं
5) प्रोटीन में पर्याप्त मात्रा में मौजूद अमीनो एसिड्स मांसपेशियों को तंदरुस्त और मजबूत बनाते हैं।
6) WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के मुताबिक हर किसी को प्रति किलोग्राम पर 1 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। यानि कि अगर किसी का वजन 50 किलो है तो उसे रोजाना 50 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए
7) प्रोटीन को शरीर के लिए सबसे जरूरी माइक्रोन्युट्रिएंट्स में से एक कहा जाता है
8) प्रोटीन हमारी शारीरिक और मानसिक क्षमता को बढ़ाने मेें मदद करता है

बच्चों के लिए दूध और प्रोटीओमेगा की जोड़ी है शानदार


आजकल बच्चे दूध के स्वाद को बेकार कहकर इसे पीने से बचते हैं। जबकि दूध एक अकेला ऐसा पदार्थ है जिसमें प्रोटीन की भारी मात्रा मौजूद होती है। ऐसी स्थिति में अभिभावक दूध के पौष्टिक तत्वों को बच्चों तक पहुंचाने के लिए बाजारों से तरह-तरह के सप्लीमेंट्स खरीद कर लाते हैं, ताकि उन्हें दूध में मिलाकर बच्चों को दिया जा सके। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजारों में मिलने वाले ज्यादातर सप्लीमेंट्स में प्रोटीन तो होता है लेकिन वह बच्चों में विकास की दर को बढ़ाने में कामयाब साबित नहीं हो पाता? ऐसे में परिजनों के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है कि वह प्रोटीन के लिए आखिर अपने बच्चों को क्या दें।

आज के भागदौड़ भरे समय में बच्चों में अनियमित खानपान का प्रभाव रहता है। ऐसे में आप अपने बच्चों की बेहतर ग्रोथ और उनके सम्पूर्ण विकास के लिए किसी अच्छे हेल्थ सप्लीमेंट का प्रयोग कर सकते हैं। Dr.G wellness का आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट प्रोटीओमेगा आपकी इस समस्या का हल साबित हो सकता है। प्रोटीओमेगा एक ऐसा हेल्दी सप्लीमेंट है जो बच्चों में शारीरिक के साथ-साथ मानसिक ग्रोथ करने में भी मददगार है।


क्यों खास है प्रोटीओमेगा

1) प्रोटीओमेगा सप्लीमेंट में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, कॉर्बोहाइड्रेट, फाइबर और फैट के साथ ही कई ऐसे पौष्टिक तत्व हैं जिसके नियमित सेवन से बच्चों को अतिरिक्त एनर्जी मिलती है।

2) प्रोटीओमेगा में बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए वनिला बीन्स से नेचुरल वनिला फ्लेवर को लिया गया है। जिससे इस हेल्थ सप्लीमेंट का स्वाद काफी अच्छा बना है।

3) इसमें आर्टिफिशल स्वीटनर के बजाय स्टीविया की पत्तियों से कड़वे भाग को हटाकर मीठे भाग से नेचुरल स्वीटनर लिया है।

4) इस आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट में न्यूजीलेंड की घास खाने वाली गायों के दूध में पाया जाने वाले वाला (Whey) प्रोटीन है।

5) प्रोटीओमेगा के 20 ग्राम के पाउच में 10.87 यानि कि आधे से ज्यादा मात्रा प्रोटीन की है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड को चिया के बीजों से लिया गया है। जो पूरी तरह नेचुरल हैं।

6) प्रोटीओमेगा को पेट की बीमारी से जुड़े मरीज और लेक्टोस इन्टालरेंट के लोग भी ले सकते हैं। इस हेल्थ सप्लीमेंट से पेट फूलना, गैस, गंदी डकारें आना और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों के होने का बिल्कुल भी खतरा नहीं है।

7) प्रोटीओमेगा को खराब होने से बचाने के लिए इसमें रोजमेरी और निसिन का इस्तेमाल किया गया है।

विशेष— ध्यान रखें कि अगर आपके बच्चे या आप थोड़े बहुत भी मोटे हैं तो आप प्रोटीओमेगा सप्लीमेंट को अनार, अनानास और स्ट्राबेरी जैसे फलों की स्मूदी और पानी के साथ लें। वहीं, अगर आप कम वजन या थोड़ा कमजोर हैं तो आप प्रोटीओमेगा को दूध या फिर किसी भी शेक के साथ मिलाकर ले सकते हैं।

पेट की समस्या से हैं परेशान, तो अपनाएं 'प्रोटीओमेगा'


चाहे बच्चा हो या बड़ा, हर व्यक्ति एक स्वस्थ शरीर की चाहत रखता है। लेकिन आज के तनाव भरे जीवन, अनियमित और दूषित खानपान के चलते पेट फूलना, खट्टी डकारे आना और कांस्टीपेशन जैसी बीमारी का होना आम बात हो गई है। सबसे गंभीर बात यह है कि पेट की समस्या से जुड़ी ऐसी बीमारियां अकेले नहीं बल्कि अपने साथ और भी कई तरह की जानलेवा बीमारियां साथ लाती हैं। हालांकि ऐसी बीमारियों का संकेत आपका खराब पाचन तंत्र है।

क्या है इसका उपाय?
अगर इंसान का पेट सही नहीं है तो उसे अस्वस्थ कहने में कोई दोराय नहीं है। क्योंकि पेट से ही सभी बीमारियों की शुरुआत होती है। अगर आप या आपका बच्चा समय पर घर का खाना नहीं खा पा रहे हैं या समय पर खाना खाने के बावजूद आपको शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होती है तो आप अलग से कोई प्रोटीन सप्लीमेंट ले सकते हैं। क्योंकि हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए प्रोटीन की बहुत बड़ी भूमिका होती है।

अगर आप कोई ऐसे सप्लीमेंट की तलाश कर रहे हैं जिसमें नेचुरल प्रोटीन हो और इसके कोई साइड इफेक्ट्स भी ना हो तो  Dr.G wellness के आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट 'प्रोटीओमेगा' आपकी समस्या का हल है। क्योंकि प्रोटीओमेगा आयुर्वेदिक सप्लीमेंट को अच्छे स्वास्थ्य का सूचक कहा जाता है।


क्यों खास है प्रोटीओमेगा
इस आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट में न्यूजीलेंड की घास खाने वाली गायों के दूध में पाए जाने वाले वे (Whey) प्रोटीन को शामिल किया है। इसके साथ ही प्रोटीओमेगा में स्टीविया की पत्तियों से कड़वे भाग को हटाकर मीठे भाग से नेचुरल स्वीटनर और वनिला बीन्स से नेचुरल वनिला फ्लेवर को मिश्रित किया है। इसमें 2.6 ग्राम फाइबर है। फाइबर पेट में मौजूद गंंदगी को शरीर से बाहर निकाल कर हमारे पाचन तंत्र को चुस्त बनाता है। प्रोटीओमेगा को खराब होने से बचाने के लिए इसमें रोजमेरी और निसिन का इस्तेमाल किया गया है।

बाजार में मिलने वाल ज्यादातर हेल्थ सप्लीमेंट से पेट फूलना, गैस, गंदी डकारें आना और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों के होने का खतरा रहता है। जबकि Dr.G का आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट 'प्रोटीओमेगा' ऐसा सप्लीमेंट है जिससे पेट से जुड़ी बीमारी होना तो दूर इसे लेक्टोस इन्टालरन्ट (जिन्हें दूध नहीं पचता) की समस्या से परेशान लोग भी इसका आराम से इस्तेमाल कर सकते हैं।

विशेष— ध्यान रखें कि अगर आपके बच्चे या आप थोड़े बहुत भी मोटे हैं तो आप प्रोटीओमेगा सप्लीमेंट को अनार, अनानास और स्ट्राबेरी जैसे फलों की स्मूदी और पानी के साथ लें। वहीं, अगर आप कम वजन या थोड़ा कमजोर हैं तो आप प्रोटीओमेगा को दूध या फिर किसी भी शेक के साथ मिलाकर ले सकते हैं।

प्रोटीन सप्लीमेंट में 'आर्टिफिशल स्वीटनर' से रहे सावधान


समय पर खाना खाने के बावजूद आजकल अक्सर लोगों को शरीर में थकान और कमजोरी की शिकायत रहती है। ऐसा सिर्फ होता है क्योंकि हमारे खाने में प्रोटीन का अभाव होता है। शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर अधिकतर लोग प्रोटीन सप्लीमेंट का सहारा लेते हैं। लेकिन कई बार हम लोग जानकारी के अभाव में गलत सप्लीमेंट्स का चयन कर लेते हैं। क्या आप जानते हैं कि आजकल मार्किट में बिजनेस को लेकर इतनी होड़ है कि व्यापारी टेस्ट बढ़ाने के लिए लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने में जरा भी नहीं कतराते हैं?

आजकल बाजारों में कई ऐसे सप्लीमेंट्स भी मिल रहे हैं जिनमें आर्टिफिशल स्वीटनर और फ्लेवर का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप अब यह सोच रहे हैं कि यह जानकारी आपके लिए नहीं है क्योंकि आप हमेशा ब्रैंडिड उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपकी गलतफहमी है। क्योंकि मिलावट और छेड़छाड सिर्फ गुमनाम उत्पादों के साथ ही नहीं बल्कि कई बार नामी उत्पादों में भी देखने को मि​ल सकती है। इसलिए कोई भी हेल्थ उत्पाद खरीदने से पहले आर्टिफिशल स्वीटनर से सावधान रहें।

क्या है इसके दुष्प्रभाव
आर्टिफिशल स्वीटनर को डॉक्टरों की भाषा में सफेद जहर कहा जाता है। यानि कि अगर आप आर्टिफिशल स्वीटनर से बने सप्लीमेंट्स का ज्यादा समय तक प्रयोग करते हैं तो आप कोई गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।

प्रोटीओमेगा है सही विकल्प
समय पर खाना खाने के बावजूद शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होने पर Dr.G wellness का आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट 'प्रोटीओमेगा' आपकी इस समस्या का हल है। प्रोटीओमेगा में स्टीविया की पत्तियों से कड़वे भाग को हटाकर मीठे भाग से नेचुरल स्वीटनर लिया गया है। यानि कि इस सप्लीमेंट में बिल्कुल भी आर्टिफिशल स्वीटनर नहीं है।


प्रोटीओमेगा एक ऐसा सप्लीमेंट है जिसके महज 20 ग्राम के पाउच में 10.87 ग्राम यानि कि आधे से ज्यादा मात्रा प्रोटीन की है। इसमें न्यूजीलैंड की घास खाने वाली गायों के दूध में पाए जाने वाले वे (Whey) प्रोटीन को लिया गया है। इसके साथ ही इसमें चिया सीड्स से ओमेगा-3 फैटी एसिड को लिया गया है। साथ ही इसमें कॉर्बोहाइड्रेट, फाइबर, फैट के साथ ही कई पोषक तत्व भी मौजूद हैं। नेचुरल स्वीटनर के साथ ही इसे स्वादिष्ट बनाने के लिए प्राकृतिक वनिला बीन्स से वनिला फ्लेवर को लिया गया है।

प्रोटीओमेगा को खराब होने से बचाने के लिए इसमें रोजमेरी और निसिन का इस्तेमाल किया गया है। इस आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके इस्तेमाल से पेट से जुड़ी कोई भी बीमारी नहीं होती है। बल्कि इसे लेक्टोस इन्टालरन्ट (जिन्हें दूध नहीं पचता) की समस्या से परेशान लोग भी ले सकते हैं।

विशेष— ध्यान रखें कि अगर आपके बच्चे या आप थोड़े मोटे हैं तो आप प्रोटीओमेगा को सिर्फ अनार, अनानास, और स्ट्राबेरी जैसे फलों की स्मूदी या पानी के साथ ले सकते हैं। अगर आप पतले या कमजोर हैं तो आप प्रोटीओमेगा को दूध या शेक के साथ ले सकते हैं। प्रोटीओमेगा का इस्तेमाल इतना आसान है कि आप इसे सफर के दौरान भी ले सकते हैं।

बच्चों में सम्पूर्ण विकास के लिए मददगार है 'प्रोटीओमेगा'


पहले के समय में बच्चा लगभग 20 साल की उम्र के बाद अपने बराबर के बच्चों के साथ पढ़ाई और करियर को लेकर प्रतिस्पर्धा करता था। लेकिन आज के एडवांस समय को देखते हुए अक्सर माता-पिता छोटी सी उम्र में ही अपने बच्चों को उम्मीदों का टोकरा थमा देते हैं। ऐसी स्थि​ति में अगर बच्चा अपने परिजनों की उम्मीद पर खरा उतर गया तब तो ठीक, नहीं तो परिजन सफल बच्चों का उदाहरण देकर अपने बच्चों को उन​की प्राकृतिक क्षमता से भी कमजोर बना देते हैं।

संघर्षी वातावरण में हम लोग इतने अंधे हो गए हैं कि अपने बच्चों के खानपान पर ध्यान ही नहीं देते हैं। जबकि हकीकत यह है कि जब तक बच्चों के आहार में प्रोटीन शामिल नहीं होगा तक तक बच्चें एक स्वस्थ शरीर नहीं पा सकते। बच्चों के खानपान का स्तर ही उनकी मानसिक क्षमता को भी तय करता है।

आजकल का खानपान
आजकल बच्चे फास्ट फूड खाने के इतने आदि हो गए हैं कि उन्हें घर का बना खाना फीका लगता है। एक तो शहरों का प्रदूषण भरा माहौल और दूसरा बच्चों का बेकार खानपान उनके संपूर्ण विकास पर विराम लगा देता है। जिससे बच्चें छोटी सी उम्र में ही शारीरिक रूप से अस्वस्थ और कई गंभीर बीमारियों से घिरने लगते हैं।

हर माता पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा स्वस्थ रहें। इस स्थिति में परिजन बच्चों के विकास के लिए बाजारों से हेल्थ सप्लीमेंट और दवाईयां लाते हैं और अपने बच्चों को उनका सेवन करने के लिए दबाव डालते हैं। जिससे अक्सर बच्चों में पेट फूलना, गैस, गंदी डकारे आना और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों के होने का खतरा रहता है।

संपूर्ण विकास के लिए सिर्फ प्रोटीओमेगा
Dr.G Wellness का आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट प्रोटीओमेगा यानि कि प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और अन्य पोषक तत्वों से बना एक ऐसा हेल्थ सप्लीमेंट है जो बच्चों में सम्पूर्ण विकास करने में पूरी मदद करता है। इस हेल्थ सप्लीमेंट में न्यूजीलैंड की घास खाने वाली गायों के दूध में पाए जाने वाले वे (Whey) प्रोटीन को लिया गया है। चिया सीड से ओमेगा-3 फैटी एसिड और स्टीविया की पत्तियों से कड़वे भाग को हटाकर मीठे भाग से नेचुरल स्वीटनर लिया गया है।


रोजाना एक पाउच प्रोटीओमेगा हेल्थ सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से आपका बच्चा स्वस्थ रहने के साथ ही लाइफस्टाइल बीमारियों से भी दूर रहेगा। प्रोटीओमेगा के 20 ग्राम के पाउच में 10.87 ग्राम यानि कि आधे से ज्यादा मात्रा प्रोटीन की है। बच्चे अक्सर स्वादिष्ट चीजों का ही सेवन करते हैं। इसलिए प्रोटीओमेगा में प्राकृतिक वनिला बीन्स से वनिला फ्लेवर को लिया गया है। प्रोटीओमेगा को खराब होने से बचाने के लिए इसमें रोजमेरी और निसिन का इस्तेमाल किया गया है। इस लिहाज से आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट 'प्रोटीओमेगा' पूरी तरह सुरक्षित है। प्रोटीओमेगा की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके इस्तेमाल से पेट से जुड़ी कोई भी बीमारी नहीं होती है। बल्कि इसे लेक्टोस इन्टालरन्ट (जिन्हें दूध नहीं पचता) की समस्या से परेशान लोग भी ले सकते हैं।

विशेष— यह सप्लीमेंट बच्चों के साथ ही हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है। ध्यान रखें कि अगर आपके बच्चे या आप थोड़े मोटे हैं तो आप प्रोटीओमेगा को अनार, अनानास और स्ट्राबेरी जैसे फलों की स्मूदी या पानी के साथ दे सकते हैं। अगर आप पतले या कमजोर हैं तो आप प्रोटीओमेगा को दूध या शेक के साथ ले सकते हैं। प्रोटीओमेगा का इस्तेमाल इतना आसान है कि आप इसे सफर के दौरान भी ले सकते हैं।

प्रोटीओमेगा करता है बच्चों का बेहतर मानसिक विकास!



आजकल समय पर खाना और फल खाने के बावजूद बच्चे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से कमजोर महसूस करते हैं। जिसके चलते अक्सर माता-पिता को शिकायत रहती है कि उनका बच्चा लंबे समय तक किसी बात को याद नहीं रख पाता या तमाम प्रयासों के बावजूद उनका बच्चा पढ़ाई में बहुत कमजोर है। इस तरह की समस्या होने का एक बड़ा कारण बच्चों के आहार में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की कमी हो सकता है। अच्छे और हेल्दी आहार की कमी होने पर आजकल बच्चे दिमागी तौर पर कमजोर रहते हैं। अगर आप भी कुछ इस तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं तो घबराइए मत बल्कि अपने बच्चों के आहार में प्राकृतिक प्रोटीन, विटामिन और पोषक तत्वों को शामिल कीजिए।

वैसे तो बाजार में आपको कई तरह के प्रोटीन सप्लीमेंट्स मिल जाएंगे। लेकिन हम यहां आपको सावधान करना चाहते हैं कि उन सप्लीमेंट्स में आर्टिफिशल स्वीटनर और फ्लेवर मिला हो सकता है। जिससे बच्चों में पेट फूलना, गैस, गंदी डकारें आना और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों के होने का खतरा रहता है।

ऐसे में हम आपको सलाह देते हैं कि आप अपने बच्चे के स्वस्थ शरीर और बेहतर मानसिक विकास के लिए Dr.G Wellness के आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट 'प्रोटीओमेगा' को इस्तेमाल कर सकते हैं। इस आयुर्वेदिक सप्लीमेंट में वे (Whey) प्रोटीन है। यानि कि ऐसा प्रोटीन जिसे अनाज नहीं बल्कि न्यूजीलैंड की घास खाने वाली गायों के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन से लिया गया है। यह प्रोटीन बच्चों की दिमागी सेल्स (Cells) को मजबूत करने के साथ ही उनकी स्मरण शक्ति को भी तेज करता है।


प्रोटीओमेगा में चिया के बीजों से प्राकृतिक ओमेगा-3 फैटी एसिड को लिया गया है। ओमेगा-3 मस्तिष्क के विकास और उसकी बेहतर गतिविधि के लिए मददगार साबित होता है। इसके अलावा इसमें स्टीविया की पत्तियों से कड़वे भाग को हटाकर मीठे भाग से नेचुरल स्वीटनर लिया गया है। यानि कि प्रोटीओमेगा में आर्टिफिशल स्वीटनर बिल्कुल भी नहीं है।

प्रोटीओमेगा के महज 20 ग्राम के पाउच में 2.6 ग्राम फाइबर और 5.29 ग्राम कॉर्बोहाइड्रेट है। कॉर्बोहाइड्रेट बच्चों को हर वक्त ऊर्जावान रखता है। प्रोटीओमेगा को खराब होने से बचाने के लिए इसमें रोजमेरी और निसिन का इस्तेमाल किया गया है। इस लिहाज से आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट 'प्रोटीओमेगा' पूरी तरह सुरक्षित है।

अगर आप यह सोच रहे हैं कि प्रोटीओमेगा पूरी तरह से प्राकृतिक होने के बावजूद स्वाद में तीखा होगा और आपके बच्चे इसे पसंद नहीं करेंगे, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। बच्चों की पंसद को ध्यान में रखते हुए प्रोटीओमेगा में वनिला बीन्स से वनिला फ्लेवर लिया गया। जो स्वाद में बेहद अच्छा है। Dr.G कहते हैं कि प्रोटीओमेगा के नियमित सेवन से बच्चों का मानसिक विकास बेहतर होता है। प्रोटीओमेगा की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके इस्तेमाल से पेट से जुड़ी कोई भी बीमारी नहीं होती है। बल्कि इसे लेक्टोस इन्टालरन्ट (जिन्हें दूध नहीं पचता) की समस्या से परेशान लोग भी ले सकते हैं।

विशेष— ध्यान रखें कि अगर आपके बच्चे थोड़े मोटे हैं तो आप प्रोटीओमेगा को अनार, अनानास और स्ट्राबेरी की स्मूदी या पानी के साथ ले सकते हैं। अगर आपके बच्चे पतले या कमजोर हैं तो आप प्रोटीओमेगा को दूध या शेक के साथ ले सकते हैं। प्रोटीओमेगा का इस्तेमाल इतना आसान है कि आप इसे से कपफप ररया बिजी रहने पर भी ले सकते हैं।

Thursday, 4 August 2016

स्लो लर्नर बच्चों के लिए प्रोटीओमेगा है अमृत!


हर बच्चा एक जैसा नहीं होता है। किसी की स्मरण शक्ति और मेनटल ग्रोथ तेज होती है तो किसी की अपेक्षाकृत थोड़ी कम होती है। लेकिन अकसर माता-पिता यह बात समझने के बजाय अपने बच्चों की होशियार बच्चों से तुलना कर उन्हें परेशानी में डाल देते हैं। जिससे बच्चे खुद में सुधार करते करते एक स्टेज के बाद डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में अपने बच्चों को किसी से कमतर आंकना गलत है।

अगर आप भी कुछ इसी तरह की समस्या का सामने कर रहे हैं तो बच्चों पर दबाव बनाने से पहले यह जानने कि कोशिश करिए कि जिस चीज के लिए आप अपने बच्चे पर दबाव बना रहे हैं उस काम में उसकी रूचि है भी या नहीं? इसके बाद आप यह देखिए कि उस काम को करने के लिए आपके बच्चे में उतनी शारीरिक क्षमता है या नहीं?


शारीरिक क्षमता से हमारा मतलब है कि बच्चे की डाइट कैसी है। क्योंकि जब तक बच्चा अपने आहार में प्रोटीन और पोषक तत्वों को शामिल नहीं करेगा तब वह स्लो लर्नर का शिकार रहेगा। अगर आपका बच्चा घर के बने खाने में दिलचस्पी नहीं लेता है तो यह जरूरी है कि आप उसे अलग से प्रोटीन सप्लीमेंट दें। इस स्थिति में आप अपने बच्चे के आहार में Dr.G wellness के प्रोटीओमेगा सप्लीमेंट को शामिल करें। बच्चे को हर रोज पानी, दूध या फिर किसी भी शेक्स में कुछ मात्रा प्रोटीओमेगा की देने से बच्चे के मानसिक विकास को बेहतर बनाया जा सकता है। प्रोटीओमेगा सप्लीमेंट इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि इसमें प्रोटीन, ओमेगा-3, फैट, कॉर्बोहाईड्रेट के साथ ही कई ऐसे पोषक तत्व भी शामिल हैं जो बच्चों को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से स्वस्थ रखते हैं।

सावधान! प्रोटीन सप्लीमेंट खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान


आज के समय के बच्चे फास्ट फूड और रेस्टोरेंट का खाना खाने के इतने आदि हो गए हैं कि उन्हें घर का बना खाना बेकार और बोरिंग लगता है। जिसके चलते घर का खाना ना खाने पर बच्चों को सही मात्रा में प्रोटीन नहीं मिल पाता और बच्चें समय—समय पर ​बीमार पड़ते हैं। ऐसी स्थिति में अधिकतर परिजन बच्चों को प्रोटीन देने के लिए बाजारों से सप्लीमेंट खरीर कर लाते हैं। लेकिन हम आपको यहां सावधान करना चाहते हैं कि आप जब भी कोई प्रोटीन सप्लीमेंट खरीदें तो उससे पहले कुछ बातों का ध्यान रखें।

सबसे पहले आप यह देखें कि जो सप्लीमेंट आप खरीद रहे हैं उसमें आर्टिफिशल स्वीटनर का प्रयोग तो नहीं किया गया है? इसके बाद यह देखें कि उस सप्लीमेंट में प्रोटीन की कितनी मात्रा है? दरअसल, प्रोटीन का सीमित मात्रा से ज्यादा और कम दोनों ही नुकसानदायक होता है। इसके बाद देखें कि उस सप्लीमेंट में किस तरह के प्रोटीन का प्रयोग किया गया है? क्योंकि कई कैमिकल प्रोटीन बच्चों में गैस और कांस्टीपेशन की समस्या भी पैदा कर देते हैं।



इसी के साथ हम आपको बताना चाहेंगे कि Dr.G wellness का प्रोटीओमेगा सप्लीमेंट ऐसा सप्लीमेंट है जिसे आप निश्चिंत होकर खरीद सकते हैं। इस सप्लीमेंट में बच्चों की ग्रोथ को ध्यान में रखकर सही मात्रा में प्रोटीन का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही इस सप्लीमेंट में प्रोटीन के साथ ही ओमेगा-3, फैट, कॉर्बोहाईड्रेट और अन्य कई तरह के पोषक तत्वों को भी शामिल किया गया है।